सर्वासु मातृष्वपि वत्सलत्वा-
त्स निर्विशेषप्रतिपत्तिरासीत् ।
षडाननापीतपयोधरासु
नेता चमूनामिव कृत्तिकासु ॥
सर्वासु मातृष्वपि वत्सलत्वा-
त्स निर्विशेषप्रतिपत्तिरासीत् ।
षडाननापीतपयोधरासु
नेता चमूनामिव कृत्तिकासु ॥
त्स निर्विशेषप्रतिपत्तिरासीत् ।
षडाननापीतपयोधरासु
नेता चमूनामिव कृत्तिकासु ॥
अन्वयः
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सः वत्सलत्वात् षडानन-आपीत-पयोधरासु कृत्तिकासु चमूनाम् नेता इव सर्वासु मातृषु अपि निर्विशेषप्रतिपत्तिः आसीत्।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
सर्वास्विति॥ स रामो वत्सलत्वात्स्निग्धत्वात्। न तु लोकप्रतीत्यर्थम्।
स्निग्धस्तु वत्सलः इत्यमरः (अमरकोशः ३.१.१४ ) । सर्वासु मातृष्वपि निर्विशेषप्रतिपत्तिस्तुल्यसत्कार आसीत्। कथमिव? चमूनां नेता षण्मुखः षङ्मिराननैरापीताः पयोधराः स्तना यासां तासु कृत्तिकास्विव ॥
Summary
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Due to his affectionate nature, he (Rama) treated all his mothers with equal regard, just as Kartikeya, the leader of the divine armies, was equally devoted to the Krittikas, whose breasts he had suckled as a six-faced infant.
सारांश
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अपनी सभी माताओं के प्रति राम की वैसी ही ममता और समान भाव था, जैसा सेनापति कार्तिकेय का उन्हें स्तनपान कराने वाली कृत्तिकाओं के प्रति था।
पदच्छेदः
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| सर्वासु | सर्वा (७.३) | towards all |
| मातृषु | मातृ (७.३) | mothers |
| अपि | अपि | also |
| वत्सलत्वात् | वत्सलत्व (५.१) | due to his affectionate nature |
| सः | तद् (१.१) | he |
| निर्विशेषप्रतिपत्तिः | निर्विशेष–प्रतिपत्ति (१.१) | one who had an impartial regard |
| आसीत् | आसीत् (√अस् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was |
| षडाननापीतपयोधरासु | षडानन–आपीत (आ√पा+क्त)–पयोधरा (७.३) | from whom the six-faced one (Kartikeya) had drunk milk |
| नेता | नेतृ (१.१) | the leader |
| चमूनाम् | चमू (६.३) | of the armies |
| इव | इव | like |
| कृत्तिकासु | कृत्तिका (७.३) | towards the Krittikas |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | र्वा | सु | मा | तृ | ष्व | पि | व | त्स | ल | त्वा |
| त्स | नि | र्वि | शे | ष | प्र | ति | प | त्ति | रा | सीत् |
| ष | डा | न | ना | पी | त | प | यो | ध | रा | सु |
| ने | ता | च | मू | ना | मि | व | कृ | त्ति | का | सु |
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