स मौलरक्षोहरिभिः सैसन्य-
स्तूर्यस्वनानन्दितपौरवर्गः ।
विवेश सौधोद्गतलाजवर्षा-
मुत्तोरणामन्वयराजधानीम् ॥
स मौलरक्षोहरिभिः सैसन्य-
स्तूर्यस्वनानन्दितपौरवर्गः ।
विवेश सौधोद्गतलाजवर्षा-
मुत्तोरणामन्वयराजधानीम् ॥
स्तूर्यस्वनानन्दितपौरवर्गः ।
विवेश सौधोद्गतलाजवर्षा-
मुत्तोरणामन्वयराजधानीम् ॥
अन्वयः
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ससैन्यः, तूर्य-स्वन-आनन्दित-पौर-वर्गः सः (रामः) मौल-रक्षः-हरिभिः (सह) उत्-तोरणाम्, सौध-उद्गत-लाज-वर्षाम् अन्वय-राजधानीं विवेश।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
स इति॥ स रामः ससैन्यस्तूर्यस्वनैरानन्दितपौरवर्गः सन्। मूले भवा मौला मन्त्रिवृद्धास्तै रक्षोभिर्हरिभिश्च सह सौधेभ्य उद्गतलाजवर्षामुत्तोरणामन्वयराजधानीमयोध्यां विवेश प्रविष्टवान् ॥
Summary
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Accompanied by his army and the chief Rakshasas and monkeys, Rama, delighting the citizens with the sound of musical instruments, entered his ancestral capital, Ayodhya, which was adorned with festive arches and showered with parched grain from its mansions.
सारांश
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प्रतिष्ठित राक्षसों और वानरों की सेना के साथ, वाद्यों की ध्वनि से नगरवासियों को हर्षित करते हुए राम ने तोरणों से सजी अपनी राजधानी अयोध्या में प्रवेश किया।
पदच्छेदः
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| सः | तद् (१.१) | He |
| मौललक्षोहरिभिः | मौल–रक्षस्–हरि (३.३) | with the principal Rakshasas and monkeys |
| ससैन्यः | स–सैन्य (१.१) | with his army |
| तूर्यस्वनानन्दितपौरवर्गः | तूर्य–स्वन–आनन्दित–पौर–वर्ग (१.१) | he for whom the citizens were delighted by the sound of musical instruments |
| विवेश | विवेश (√विश् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | he entered |
| सौधोद्गतलाजवर्षाम् | सौध–उद्गत–लाज–वर्षा (२.१) | which had a shower of parched grain from the mansions |
| उत्तोरणाम् | उत्तोरणा (२.१) | adorned with arches |
| अन्वयराजधानीम् | अन्वय–राजधानी (२.१) | the ancestral capital |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | मौ | ल | र | क्षो | ह | रि | भिः | सै | स | न्य |
| स्तू | र्य | स्व | ना | न | न्दि | त | पौ | र | व | र्गः |
| वि | वे | श | सौ | धो | द्ग | त | ला | ज | व | र्षा |
| मु | त्तो | र | णा | म | न्व | य | रा | ज | धा | नीम् |
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