Loading data... On slow networks this could take a few minutes.
100%

इक्ष्वाकुवंशगुरवे प्रयतः प्रणम्य
स भ्रातरं भरतमर्घ्यपरिग्रहान्ते ।
पर्यश्रुरस्वजत मूर्धनि चोपजघ्रौ
तद्भक्त्यपोढपितृराज्यमहाभिषेके ॥

अन्वयः AI सः प्रयतः इक्ष्वाकु-वंश-गुरवे प्रणम्य, अर्घ्य-परिग्रह-अन्ते, तत्-भक्ति-अपोढ-पितृ-राज्य-महा-अभिषेके भ्रातरम् भरतम् परि-अश्रुः (सन्) अस्वजत, मूर्धनि च उपजघ्रौ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः) इक्ष्वाक्विति॥ प्रयतः स राम इक्ष्वाकुवंशगुरवे वसिष्ठाय प्रणम्य नमस्कृत्यार्घ्यस्य परिग्रहः स्वीकारस्तस्यान्ते पर्यश्रुः परिगतानन्दबाष्पः सन्। भ्रातरं भरतमस्वजतालिङ्गत्। तस्मिन्रामे भक्त्याऽपोढः परिहृतः पितृराज्यमहाभिषेको येन तस्मिन्मूर्धन्युपजघ्रौ च। घ्रा गन्धोपादानेलिटि रूपम्॥
Summary AI After devoutly bowing to Vasistha, the preceptor of the Ikshvaku dynasty, and accepting the offerings, Rama, with tears in his eyes, embraced his brother Bharata—who had set aside the great coronation to his father's kingdom out of devotion—and smelled his head.
सारांश AI इक्ष्वाकु वंश के गुरु वशिष्ठ को प्रणाम करने और भरत से अर्घ्य लेने के बाद, राम ने भरत को गले लगाया और उनके मस्तक को चूमा, जिन्होंने भक्तिवश पिता के राज्य का मोह त्याग दिया था।
पदच्छेदः AI
इक्ष्वाकुवंशगुरवेइक्ष्वाकुवंशगुरु (४.१) to the preceptor of the Ikshvaku dynasty
प्रयतःप्रयत (१.१) devoutly
प्रणम्यप्रणम्य (प्र√नम्+ल्यप्) having bowed
सःतद् (१.१) he (Rama)
भ्रातरम्भ्रातृ (२.१) brother
भरतम्भरत (२.१) Bharata
अर्घ्यपरिग्रहान्तेअर्घ्यपरिग्रहअन्त (७.१) at the end of accepting the offerings
पर्यश्रुःपर्यश्रु (१.१) with eyes full of tears
अस्वजतअस्वजत (√स्वञ्ज् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) embraced
मूर्धनिमूर्धन् (७.१) on the head
and
उपजघ्रौउपजघ्रौ (उप√घ्रा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) smelled
तद्भक्त्यपोढपितृराज्यमहाभिषेकेतत्भक्तिअपोढपितृराज्यमहाअभिषेक (२.१) him, whose great coronation was set aside due to his devotion
छन्दः वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४
क्ष्वा कु वं गु वे प्र तः प्र म्य
भ्रा रं र्घ्य रि ग्र हा न्ते
र्य श्रु स्व मू र्ध नि चो घ्रौ
द्भ क्त्य पो पि तृ रा ज्य हा भि षे के
About

Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.