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यादृशी वचनच्छाया दृश्यते तव वानर ।
विकालेन गृहीतोऽसि यः परैति स जीवति ॥

अन्वयः AI वानर तव यादृशी वचन-च्छाया दृश्यते तया प्रतिभाति यत् विकालेन गृहीतः असि । यः परैति सः जीवति ।
Summary AI O monkey, judging by the tone of your speech, you have been seized by Vikāla. He who leaves now will live.
सारांश AI हे वानर! तुम्हारी वाणी का स्वर जैसा सुनाई दे रहा है, उससे लगता है कि तुम्हें काल ने पकड़ लिया है। जो यहाँ से पलायन करेगा, वही बचेगा।
पदच्छेदः AI
यादृशीयादृश् (१.१) of what kind
वचन-च्छायावचनच्छाया (१.१) tone of voice/expression in speech
दृश्यतेदृश्यते (√दृश् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) is seen
तवयुष्मद् (६.१) your
वानरवानर (८.१) O monkey
विकालेनविकाल (३.१) by untimely death
गृहीतःगृहीत (√ग्रह्+क्त, १.१) seized
असिअसि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) you are
यःयद् (१.१) who
परैतिपरैति (परा√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) dies/goes away
तद् (१.१) he
जीवतिजीवति (√जीव् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) lives
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
या दृ शी च्छा या
दृ श्य ते वा
वि का ले गृ ही तो ऽसि
यः रै ति जी ति
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