जीर्यन्ते जीर्यतः केशाः दन्ता जीर्यन्ति जीर्यतः ।
जीर्यतश्चक्षुषी श्रोत्रे तृष्णैका तरुणायते ॥

अन्वयः AI जीर्यतः केशाः जीर्यन्ते, जीर्यतः दन्ताः जीर्यन्ति, जीर्यतः चक्षुषी श्रोत्रे (च जीर्यन्ति), एका तृष्णा तरुणायते ।
Summary AI For a person growing old, the hair turns grey, the teeth decay, and the eyes and ears fail; only greed remains forever young.
सारांश AI वृद्धावस्था में बाल सफेद होकर झड़ जाते हैं, दाँत गिर जाते हैं, आँख और कान शिथिल हो जाते हैं, किंतु केवल तृष्णा ही सदैव युवा बनी रहती है।
पदच्छेदः AI
जीर्यन्तेजीर्यन्ते (√जॄ कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) decay
जीर्यतःजीर्यत् (√जॄ+शतृ, ६.१) of one who is decaying/growing old
केशाःकेश (१.३) hairs
दन्तादन्त (१.३) teeth
जीर्यन्तिजीर्यन्ति (√जॄ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) decay
जीर्यतःजीर्यत् (√जॄ+शतृ, ६.१) of one who is decaying/growing old
जीर्यतःजीर्यत् (√जॄ+शतृ, ६.१) of one who is decaying/growing old
चक्षुषीचक्षुस् (१.२) two eyes
श्रोत्रेश्रोत्र (१.२) two ears
तृष्णातृष्णा (१.१) thirst/desire
एकाएक (१.१) alone/one
तरुणायतेतरुणायते (√तरुणाय कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) becomes young
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
जी र्य न्ते जी र्य तः के शाः
न्ता जी र्य न्ति जी र्य तः
जी र्य श्च क्षु षी श्रो त्रे
तृ ष्णै का रु णा ते
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