यो लौल्यात्कुरुते कर्म नैवोदर्कमवेक्षते ।
विडम्बनामवाप्नोति स यथा चन्द्रभूपतिः ॥

अन्वयः AI यः लौल्यात् कर्म कुरुते उदर्कं न एव अवेक्षते, सः यथा चन्द्र-भूपतिः विडम्बनाम् अवाप्नोति ।
Summary AI One who acts out of greed without considering the ultimate consequence meets with humiliation, just like King Candra.
सारांश AI जो व्यक्ति बिना परिणाम सोचे केवल चंचलता वश कार्य करता है, वह राजा चन्द्र की भाँति उपहास और भारी विपत्ति का पात्र बनता है।
पदच्छेदः AI
यःयद् (१.१) who
लौल्यात्लौल्य (५.१) due to greed/fickleness
कुरुतेकुरुते (√कृ कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) does
कर्मकर्मन् (२.१) action
not
एवएव indeed
उदर्कम्उदर्क (२.१) consequence
अवेक्षतेअवेक्षते (अव√ईक्ष् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) considers
विडम्बनाम्विडम्बना (२.१) humiliation
अवाप्नोतिअवाप्नोति (अव√आप् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) obtains
सःतद् (१.१) he
यथायथा as
चन्द्र-भूपतिःचन्द्रभूपति (१.१) King Chandra
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
यो लौ ल्या त्कु रु ते र्म
नै वो र्क वे क्ष ते
वि म्ब ना वा प्नो ति
था न्द्र भू तिः
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