साह्लादं वचनं प्रयच्छति न मे नो वाञ्छितं किञ्चन
प्रायः प्रोच्छ्वसिषि द्रुतं हुतवहज्वाला समं रात्रिषु ।
कण्ठाश्लेषपरिग्रहे शिथिलता यन्नादराच्चुम्बसे
तत्ते धूर्त हृदि स्थिता प्रियतमा काचिन्ममेवापरा ॥

अन्वयः AI (त्वम्) मे साह्लादम् वचनम् न प्रयच्छति, किञ्चन वाञ्छितम् न, रात्रिषु प्रायः हुतवह-ज्वाला-समम् द्रुतम् प्रोच्छ्वसिषि । कण्ठ-आश्लेष-परिग्रहे शिथिलता, यत् आदरात् न चुम्बसे, धूर्त! तत् ते हृदि मम इव अपरा काचित् प्रियतमा स्थिता ।
Summary AI You offer me no pleasant words nor anything I desire; at night you sigh rapidly like the flames of a fire. There is looseness in your embrace and you do not kiss with affection. O rogue! Surely some other beloved, just like me, resides in your heart.
सारांश AI हे धूर्त! तुम्हारी बातों में उत्साह नहीं है, आलिंगन शिथिल है और तुम रात भर अग्नि की ज्वाला के समान लंबी आहें भरते हो। निश्चित ही तुम्हारे हृदय में कोई और बसी है।
पदच्छेदः AI
साह्लादंआह्लाद (२.१) joyfully
वचनंवचन (२.१) word
प्रयच्छसिप्रयच्छसि (प्र√यम् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) you give
not
मेअस्मद् (४.१) to me
नो nor
वाञ्छितंवाञ्छित (२.१) desired
किञ्चनकिञ्चन anything
प्रायःप्रायस् mostly
प्रोच्छ्वसिषिप्रोच्छ्वसिषि (प्र+उत्√श्वस् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) you sigh
द्रुतंद्रुत quickly
हुतवह-ज्वालाहुतवहज्वाला (१.१) flame of fire
समंसम like
रात्रिषुरात्रि (७.३) in nights
कण्ठाश्लेष-परिग्रहेकण्ठाश्लेषपरिग्रह (७.१) in embracing the neck
शिथिलताशिथिलता (१.१) looseness
यत्यद् that/because
not
आदरात्आदर (५.१) with respect
चुम्बसेचुम्बसे (√चुम्ब् कर्तरि लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) you kiss
तत्तद् (१.१) that
तेयुष्मद् (६.१) your
धूर्तधूर्त (८.१) O rogue
हृदिहृद् (७.१) in heart
स्थितास्थित (√स्था+क्त, १.१) situated
प्रियतमाप्रियतमा (१.१) dearest
काचित्किञ्चित् (१.१) some
ममअस्मद् (६.१) my
इवइव like
अपराअपर (१.१) another
छन्दः शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७ १८ १९
सा ह्ला दं नं प्र च्छ ति मे नो वा ञ्छि तं कि ञ्च
प्रा यः प्रो च्छ्व सि षि द्रु तं हु ज्वा ला मं रा त्रि षु
ण्ठा श्ले रि ग्र हे शि थि ता न्ना रा च्चु म्ब से
त्ते धू र्त हृ दि स्थि ता प्रि मा का चि न्म मे वा रा
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