बुभुक्षितः किं न करोति पापं
क्षीणा नरा निष्करुणा भवन्ति ।
आख्याहि भद्रे प्रियदर्शनस्य
न गङ्गदत्तः पुनरेति कूपम् ॥
बुभुक्षितः किं न करोति पापं
क्षीणा नरा निष्करुणा भवन्ति ।
आख्याहि भद्रे प्रियदर्शनस्य
न गङ्गदत्तः पुनरेति कूपम् ॥
क्षीणा नरा निष्करुणा भवन्ति ।
आख्याहि भद्रे प्रियदर्शनस्य
न गङ्गदत्तः पुनरेति कूपम् ॥
अन्वयः
AI
बुभुक्षितः किम् पापम् न करोति? क्षीणाः नराः निष्करुणाः भवन्ति । भद्रे, प्रिय-दर्शनस्य आख्याहि - गङ्गदत्तः पुनः कूपम् न एति ।
Summary
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What sin does a hungry person not commit? Weakened people become merciless. O good lady, tell Priyadarshana: Gangadatta will not come to the well again. This verse highlights the desperation caused by hunger, leading to ruthless behavior. The final line, a direct message, signifies a firm refusal to return to a dangerous situation, implying a lesson learned from past suffering.
सारांश
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भूखा व्यक्ति कौन सा पाप नहीं करता? साधनहीन मनुष्य निर्दयी हो जाते हैं। प्रियदर्शन से कह देना कि गंगदत्त अब पुनः कुएँ में नहीं आएगा।
पदच्छेदः
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| बुभुक्षितः | बुभुक्षित (१.१) | undefined |
| किम् | किम् | undefined |
| न | न | undefined |
| करोति | करोति (√कृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | undefined |
| पापम् | पाप (२.१) | undefined |
| क्षीणाः | क्षीण (√क्षि+क्त, १.३) | undefined |
| नराः | नर (१.३) | undefined |
| निष्करुणाः | निष्करुण (१.३) | undefined |
| भवन्ति | भवन्ति (√भू कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | undefined |
| आख्याहि | आख्याहि (आ√ख्या कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | undefined |
| भद्रे | भद्रा (८.१) | undefined |
| प्रिय-दर्शनस्य | प्रिय-दर्शन (६.१) | undefined |
| न | न | undefined |
| गङ्गदत्तः | गङ्गदत्त (१.१) | undefined |
| पुनरेति | पुनः–एति (√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | undefined |
| कूपम् | कूप (२.१) | undefined |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बु | भु | क्षि | तः | किं | न | क | रो | ति | पा | पं |
| क्षी | णा | न | रा | नि | ष्क | रु | णा | भ | व | न्ति |
| आ | ख्या | हि | भ | द्रे | प्रि | य | द | र्श | न | स्य |
| न | ग | ङ्ग | द | त्तः | पु | न | रे | ति | कू | पम् |
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