अन्वयः
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बलीयसि प्रणमताम् काले प्रहरताम् अपि सम्पदः प्रतीपम् निम्न-गाः इव न अवगच्छन्ति ।
Summary
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For those who submit to the powerful and strike at the opportune moment, riches do not depart, much like rivers do not flow uphill.
सारांश
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शक्तिशाली के सामने झुकने वाले और सही समय पर प्रहार करने वाले व्यक्ति के पास संपत्तियां वैसे ही आती हैं जैसे नदियां ढलान की ओर बहती हैं।
पदच्छेदः
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| बलीयसि | बलीयस् (७.१) | to the powerful |
| प्रणमतां | प्रणमत् (प्र√नम्+शतृ, ६.३) | of those bowing |
| काले | काल (७.१) | in time (or person) |
| प्रहरतामपि | प्रहरत् (प्र√हृ+शतृ, ६.३)–अपि | and of those striking |
| सम्पदः | सम्पद् (१.३) | fortunes |
| न | न | not |
| अवगच्छन्ति | अवगच्छन्ति (अव√गम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | go against |
| प्रतीपमिव | प्रतीप (२.१)–इव | like against the current |
| निम्नगाः | निम्नगा (१.३) | rivers |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब | ली | य | सि | प्र | ण | म | तां |
| का | ले | प्र | ह | र | ता | म | पि |
| स | म्प | दो | ना | व | ग | च्छ | न्ति |
| प्र | ती | प | मि | व | नि | म्न | गाः |
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