अन्वयः
AI
अत्र स्त्रीणाम्, शत्रोः, कु-मित्रस्य, विशेषतः पण्य-स्त्रीणाम् (विषये), यः मानवः एक-भावः भवेत्, सः न जीवति ।
Summary
AI
A man who places total, single-minded trust in women, enemies, bad friends, or especially prostitutes, does not survive for long.
सारांश
AI
जो मनुष्य स्त्रियों, शत्रुओं, कुमित्रों और विशेषकर वेश्याओं पर पूर्ण विश्वास या एकनिष्ठ भाव रखता है, वह जीवित नहीं बचता।
पदच्छेदः
AI
| स्त्रीणाम् | स्त्री (६.३) | of women |
| शत्रोः | शत्रु (६.१) | of an enemy |
| कुमित्रस्य | कु–मित्र (६.१) | of a bad friend |
| पण्यस्त्रीणाम् | पण्य–स्त्री (६.३) | of prostitutes |
| विशेषतः | विशेषतः | especially |
| यः | यद् (१.१) | who |
| भवेत् | भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may be |
| एकभावः | एक–भाव (१.१) | of one mind/trusting |
| अत्र | अत्र | here |
| न | न | not |
| सः | तद् (१.१) | that |
| जीवति | जीवति (√जीव् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | lives |
| मानवः | मानव (१.१) | a human being |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्त्री | णां | श | त्रोः | कु | मि | त्र | स्य |
| प | ण्य | स्त्री | णां | वि | शे | ष | तः |
| यो | भ | वे | दे | क | भा | वो | ऽत्र |
| न | स | जी | व | ति | मा | न | वः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.