मायया शत्रवो वध्या अवध्याः स्युर्बलेन ये ।
यथा स्त्रीरूपमास्थाय हतो भीमेन कीचकः ॥

अन्वयः AI ये बलेन अवध्याः स्युः (ते) शत्रवः मायया वध्याः (भवन्ति) । यथा स्त्री-रूपम् आस्थाय भीमेन कीचकः हतः ॥
Summary AI Enemies who cannot be defeated by brute force should be destroyed through deceit, just as Bhīma killed Kīcaka by assuming the form of a woman.
सारांश AI जो शत्रु बल से नहीं जीते जा सकते, उन्हें छल से मारना चाहिए, जैसे भीम ने स्त्री का रूप धारण कर कीचक का वध किया था।
पदच्छेदः AI
माययामाया (३.१) by trickery
शत्रवःशत्रु (१.३) enemies
वध्याःवध्य (√वध्य+ण्यत्, १.३) are to be killed
अवध्याःअवध्य (√अवध्य+ण्यत्, १.३) are not to be killed
स्युःस्युः (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) may be
बलेनबल (३.१) by force
येयद् (१.३) who
यथायथा just as
स्त्री-रूपम्स्त्रीरूप (२.१) the form of a woman
आस्थायआस्थाय (आ√स्था+ल्यप्) having assumed
हतःहत (√हन्+क्त, १.१) was killed
भीमेनभीम (३.१) by Bhima
कीचकःकीचक (१.१) Kichaka
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
मा या त्र वो ध्या
ध्याः स्यु र्ब ले ये
था स्त्री रू मा स्था
तो भी मे की कः
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