अन्वयः
AI
ये सन्तं नयम् उत्सृज्य प्रतिलोमतः सेवन्ते ते मन्त्रि-रूपाः रिपवः हि विचक्षणैः सम्भाव्याः ॥
Summary
AI
Those who abandon righteous policy and act perversely should be recognized by wise men as enemies disguised as ministers.
सारांश
AI
बुद्धिमानों को उन मंत्रियों को शत्रु ही समझना चाहिए जो सही नीति को त्यागकर उसके विपरीत आचरण करते हैं।
पदच्छेदः
AI
| मन्त्रि-रूपाः | मन्त्रि–रूप (१.३) | in the guise of ministers |
| हि | हि | indeed |
| रिपवः | रिपु (१.३) | enemies |
| सम्भाव्याः | सम्भाव्य (सम्√भू+ण्यत्, १.३) | should be suspected |
| ते | तद् (१.३) | those |
| विचक्षणैः | विचक्षण (३.३) | by the discerning |
| ये | यद् (१.३) | who |
| सन्तम् | सत् (२.१) | good |
| नयम् | नय (२.१) | policy |
| उत्सृज्य | उत्सृज्य (उत्√सृज्+ल्यप्) | having abandoned |
| सेवन्ते | सेवन्ते (√सेव् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | serve |
| प्रतिलोमतः | प्रतिलोमतः | adversely |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | न्त्रि | रू | पा | हि | रि | प | वः |
| स | म्भा | व्या | स्ते | वि | च | क्ष | णैः |
| ये | स | न्तं | न | य | मु | त्सृ | ज्य |
| से | व | न्ते | प्र | ति | लो | म | तः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.