अन्वयः
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यस्य महीपतेः मन्त्रिणः दीर्घ-दर्शिनः न स्युः तस्य क्रम-आयाता ध्रुवं न चिरात् परिक्षयः स्यात् ॥
Summary
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A king who lacks far-sighted ministers will surely see the swift ruin of his ancestral kingdom and prosperity.
सारांश
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जिस राजा के मंत्री दूरदर्शी नहीं होते, उसका परंपरा से प्राप्त राज्य भी शीघ्र ही निश्चित रूप से नष्ट हो जाता है।
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| दीर्घ-दर्शिनः | दीर्घ–दर्शिन् (१.३) | far-sighted |
| यस्य | यद् (६.१) | whose |
| मन्त्रिणः | मन्त्रिन् (१.३) | ministers |
| स्युः | स्युः (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | may be |
| महीपतेः | महीपति (६.१) | of a king |
| क्रमायाता | क्रम–आयात (१.१) | hereditary |
| ध्रुवम् | ध्रुव | certainly |
| तस्य | तद् (६.१) | his |
| न | न | not |
| चिरात् | चिर (५.१) | after a long time |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may be |
| परिक्षयः | परिक्षय (१.१) | destruction |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | दी | र्घ | द | र्शि | नो | य | स्य |
| म | न्त्रि | णः | स्यु | र्म | ही | प | तेः |
| क्र | मा | या | ता | ध्रु | वं | त | स्य |
| न | चि | रा | त्स्या | त्प | रि | क्ष | यः |
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