भयसन्त्रस्तमनसां हस्तपादादिकाः क्रियाः ।
प्रवर्तन्ते न वाणी च वेपथुश्चाधिको भवेत् ॥

अन्वयः AI भय-सन्त्रस्त-मनसाम् हस्त-पाद-आदिकाः क्रियाः वाणी च न प्रवर्तन्ते वेपथुः च अधिकः भवेत् ॥
Summary AI For those whose minds are paralyzed by fear, the functions of hands and feet cease, their voice fails, and their bodies tremble excessively.
सारांश AI भय से डरे हुए मन वाले व्यक्तियों के हाथ-पैर आदि क्रियाएँ करना बंद कर देते हैं, उनकी वाणी भी नहीं निकलती और शरीर में अधिक कंपन होने लगता है।
पदच्छेदः AI
भय-सन्त्रस्त-मनसाम्भयसन्त्रस्तमनस् (६.३) of those whose minds are terrified by fear
हस्त-पादादिकाःहस्तपाद–आदिक (१.३) actions like hands and feet
क्रियाःक्रिया (१.३) actions
प्रवर्तन्तेप्रवर्तन्ते (प्र√वृत् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) do not proceed
not
वाणीवाणी (१.१) speech
and
वेपथुःवेपथु (१.१) trembling
and
अधिकःअधिक (१.१) excessive
भवेत्भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) may be
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
न्त्र स्त सां
स्त पा दा दि काः क्रि याः
प्र र्त न्ते वा णी
वे थु श्चा धि को वेत्
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