अन्वयः
AI
यः कन्यकायाः अनिष्टः वरः रूप-अन्वितः अपि यः यदि स्यात् तस्य कन्या नो देया श्रेयः-अभिवाञ्छता ॥
Summary
AI
Even if a suitor is handsome, if he is disliked by the girl, a person seeking true welfare should not give the girl to him.
सारांश
AI
कल्याण चाहने वाले व्यक्ति को ऐसी कन्या का विवाह उस वर से नहीं करना चाहिए जिसे वह कन्या पसंद न करती हो, भले ही वह वर रूपवान ही क्यों न हो।
पदच्छेदः
AI
| अनिष्टः | अनिष्ट (१.१) | undesirable |
| कन्यकायाः | कन्यका (६.१) | of the maiden |
| यः | यद् (१.१) | who |
| वरः | वर (१.१) | groom |
| रूपान्वितः | रूप–अन्वित (१.१) | endowed with beauty |
| अपि | अपि | even |
| यः | यद् (१.१) | who |
| यदि | यदि | if |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | should be |
| तस्य | तद् (६.१) | to him |
| नो | न | not |
| देया | देय (√दा+यत्, १.१) | should be given |
| कन्या | कन्या (१.१) | maiden |
| श्रेयः | श्रेयस् (२.१) | welfare |
| अभिवाञ्छता | अभिवाञ्छत् (अभि√वाञ्छ्+शतृ, ३.१) | by one desiring |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | नि | ष्टः | क | न्य | का | या | यो |
| व | रो | रू | पा | न्वि | तो | ऽपि | यः |
| य | दि | स्या | त्त | स्य | नो | दे | या |
| क | न्या | श्रे | यो | ऽभि | वा | ञ्छ | ता |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.