यावन्न लज्जते कन्या यावत्क्रीडति पांसुना ।
यावत्तिष्ठति गोमार्गे तावत्कन्यां विवाहयेत् ॥

अन्वयः AI यावत् कन्या न लज्जते यावत् पांसुना क्रीडति यावत् गो-मार्गे तिष्ठति तावत् कन्यां विवाहयेत् ॥
Summary AI One should marry off a daughter while she is still innocent of shame, plays in the dirt, and wanders in the cow-path, signifying extreme youth.
सारांश AI जब तक कन्या में लज्जा का भाव न आए, जब तक वह धूल में खेलती हो और गो-मार्ग में रहती हो, तभी तक उसका विवाह कर देना चाहिए।
पदच्छेदः AI
यावत्यावत् as long as
not
लज्जतेलज्जते (√लज्ज् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) is ashamed
कन्याकन्या (१.१) maiden
यावत्यावत् as long as
क्रीडतिक्रीडति (√क्रीड् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) plays
पांसुनापांसु (३.१) with dust
यावत्यावत् as long as
तिष्ठतितिष्ठति (√स्था कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) stands
गोमार्गेगोमार्ग (७.१) on the cow-path
तावत्तावत् then
कन्याम्कन्या (२.१) maiden
विवाहयेत्विवाहयेत् (वि√वह् +णिच् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) should marry off
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
या न्न ज्ज ते न्या
या त्क्री ति पां सु ना
या त्ति ष्ठ ति गो मा र्गे
ता त्क न्यां वि वा येत्
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