अन्वयः
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इह अन्येषु युगेषु देहिनाम् पापानि सञ्चरन्ति । पाप-संयुक्ते कलौ तु यः पापं करोति सः लिप्यते ॥
Summary
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In previous ages, sins circulated among all living beings. However, in this Kali age, which is inherently sinful, only the actual perpetrator is tainted by the sin committed.
सारांश
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अन्य युगों में पाप एक व्यक्ति से दूसरे में संचरित होते थे, परंतु इस पापयुक्त कलियुग में जो पाप करता है, केवल वही उससे लिप्त होता है।
पदच्छेदः
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| सञ्चरन्ति | सञ्चरन्ति (सम्√चर् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | spread |
| इह | इह | here |
| पापानि | पाप (१.३) | sins |
| युगेषु | युग (७.३) | in ages |
| अन्येषु | अन्य (७.३) | other |
| देहिनाम् | देहिन् (६.३) | of embodied beings |
| कलौ | कलि (७.१) | in Kali Yuga |
| तु | तु | but |
| पापसंयुक्ते | पाप–संयुक्त (७.१) | connected with sin |
| यः | यद् (१.१) | whoever |
| करोति | करोति (√कृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | does |
| सः | तद् (१.१) | he |
| लिप्यते | लिप्यते (√लिप् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is affected |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | ञ्च | र | न्ती | ह | पा | पा | नि |
| यु | गे | ष्व | न्ये | षु | दे | हि | नाम् |
| क | लौ | तु | पा | प | सं | यु | क्ते |
| यः | क | रो | ति | स | लि | प्य | ते |
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