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मुञ्च मुञ्च पतत्येको मा मुञ्चेति द्वितीयकः ।
उभयोः पतनं दृष्ट्वा मौनं सर्वार्थसाधनम् ॥

अन्वयः AI एकः 'मुञ्च मुञ्च' इति वदति द्वितीयकः 'मा मुञ्च' इति वदति । उभयोः पतनं दृष्ट्वा मौनं सर्व-अर्थ-साधनम् अस्ति ॥
Summary AI While one cries out 'Release, release' and the other 'Do not release,' witnessing the downfall of both reveals that silence is the best means to accomplish all objectives.
सारांश AI एक कहता है 'छोड़ो' और गिर जाता है, दूसरा कहता है 'मत छोड़ो' और वह भी गिरता है। दोनों का पतन देखकर यह सिद्ध होता है कि मौन ही समस्त कार्यों को सिद्ध करने वाला है।
पदच्छेदः AI
मुञ्चमुञ्च (√मुच् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) release
मुञ्चमुञ्च (√मुच् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) release
पततिपतति (√पत् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) falls
एकःएक (१.१) one
मामा don't
मुञ्चमुञ्च (√मुच् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) release
इतिइति thus
द्वितीयकःद्वितीयक (१.१) the second one
उभयोःउभय (६.२) of both
पतनम्पतन (√पत्+ल्युट्, २.१) falling
दृष्ट्वादृष्ट्वा (√दृश्+क्त्वा) having seen
मौनम्मौन (१.१) silence
सर्वार्थसाधनम्सर्वअर्थसाधन (१.१) achiever of all purposes
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
मु ञ्च मु ञ्च त्ये को
मा मु ञ्चे ति द्वि ती कः
योः नं दृ ष्ट्वा
मौ नं र्वा र्थ सा नम्
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