कौर्मं सङ्कोचमास्थाय प्रहारानपि मर्षयेत् ।
काले काले च मतिमानुत्तिष्ठेत्कृष्णसर्पवत् ॥

अन्वयः AI मतिमान् कौर्मम् सङ्कोचम् आस्थाय प्रहारान् अपि मर्षयेत्, काले काले च कृष्ण-सर्प-वत् उत्तिष्ठेत् ।
Summary AI Adopting the contraction of a tortoise, one should endure blows; however, at the right time, a wise man should rise like a black cobra.
सारांश AI बुद्धिमान को कछुए की तरह सिमटकर प्रहार सह लेने चाहिए, और सही समय आने पर काले सांप की तरह अत्यंत उग्र होकर शत्रु पर वार करना चाहिए।
पदच्छेदः AI
कौर्मम्कौर्म (२.१) of a tortoise, tortoise-like
सङ्कोचम्सङ्कोच (२.१) contraction, withdrawal
आस्थायआस्थाय (आ√स्था+ल्यप्) having adopted
प्रहारान्प्रहार (२.३) blows, attacks
अपिअपि even
मर्षयेत्मर्षयेत् (√मृष् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) should endure
कालेकाल (७.१) at time
कालेकाल (७.१) at time
and
मतिमान्मतिमत् (१.१) intelligent one
उत्तिष्ठेत्उत्तिष्ठेत् (उत्√स्था कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) should rise up
कृष्ण-सर्पवत्कृष्णसर्पवत् like a black snake
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
कौ र्मं ङ्को मा स्था
प्र हा रा पि र्ष येत्
का ले का ले ति मा
नु त्ति ष्ठे त्कृ ष्ण र्प वत्
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