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अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना ।
त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयम् ॥

अन्वयः AI यत्र अपूज्याः पूज्यन्ते, पूज्यानाम् तु विमानना भवति, तत्र त्रीणि दुर्भिक्षम् मरणम् भयम् च प्रवर्तन्ते ।
Summary AI Where the unworthy are honored and the worthy are insulted, three things prevail: famine, death, and fear.
सारांश AI जहाँ अयोग्यों की पूजा होती है और पूजनीय व्यक्तियों का अपमान होता है, वहाँ अकाल, मृत्यु और भय—ये तीन चीजें सदा बनी रहती हैं।
पदच्छेदः AI
अपूज्याःअपूज्य (१.३) unworthy of respect
यत्रयत्र where
पूज्यन्तेपूज्यन्ते (√पूज् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) are honored
पूज्यानाम्पूज्य (६.३) of the worthy of respect
तुतु but
विमाननाविमानना (१.१) disrespect
त्रीणित्रि (१.३) three
तत्रतत्र there
प्रवर्तन्तेप्रवर्तन्ते (प्र√वृत् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) prevail
दुर्भिक्षम्दुर्भिक्ष (१.१) famine
मरणम्मरण (१.१) death
भयम्भय (१.१) fear
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
पू ज्या त्र पू ज्य न्ते
पू ज्या नां तु वि मा ना
त्री णि त्र प्र र्त न्ते
दु र्भि क्षं णं यम्
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