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हर्तव्यं ते न पश्यामि हर्तव्यं चेद्भविष्यति ।
पुनरप्यागमिष्यामि यदीयं नावगूहते ॥

अन्वयः AI ते हर्तव्यम् न पश्यामि । चेत् हर्तव्यम् भविष्यति, तर्हि यदि इयम् न अवगूहते तदा पुनः अपि आगमिष्यामि ।
Summary AI I see nothing of yours worth taking. If there should be anything to take, I shall return again if she stops embracing you.
सारांश AI चोर ने कहा कि मुझे तुम्हारा कुछ भी चुराने योग्य नहीं दिख रहा है। यदि भविष्य में कुछ लेने योग्य होगा, तो मैं फिर आऊँगा, जब यह तुम्हारा आलिंगन छोड़ देगी।
पदच्छेदः AI
हर्तव्यम्हर्तव्य (√हृ+तव्य, २.१) to be taken
तेयुष्मद् (६.१) by you
not
पश्यामिपश्यामि (√दृश् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) I see
हर्तव्यम्हर्तव्य (√हृ+तव्य, १.१) to be taken
चेत्चेत् if
भविष्यतिभविष्यति (√भू कर्तरि लृट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) will be
पुनःपुनः again
अपिअपि also
आगमिष्यामिआगमिष्यामि (आ√गम् कर्तरि लृट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) I will come
यदियदि if
ईयम्इदम् (१.१) this (woman)
not
अवगूहतेअवगूहते (अव√गुह् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) embraces
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
र्त व्यं ते श्या मि
र्त व्यं चे द्भ वि ष्य ति
पु प्या मि ष्या मि
दी यं ना गू ते
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