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तिस्रः कोट्योऽर्धकोटी च यानि रोमाणि मानुषे ।
तावत्कालं वसेत्स्वर्गे भर्तारं यानुगच्छति ॥

अन्वयः AI या भर्तारम् अनुगच्छति, मानुषे यानि तिस्रः कोट्यः अर्ध-कोटी च रोमाणि सन्ति, तावत्-कालम् सा स्वर्गे वसेत् ।
Summary AI A woman who follows her husband in death shall dwell in heaven for as many years as there are hairs on a human body, which is three and a half crores.
सारांश AI जो स्त्री अपने पति का अनुगमन करती है, वह स्वर्ग में उतने वर्षों तक निवास करती है जितने मनुष्य के शरीर पर रोएँ (साढ़े तीन करोड़) होते हैं।
पदच्छेदः AI
तिस्रःत्रि (१.३) three
कोट्योऽर्ध-कोटीकोटि (१.३)अर्धकोटि (१.१) crores and half a crore
and
यानियद् (१.३) which
रोमाणिरोमन् (१.३) hairs
मानुषेमानुष (७.१) on a human being
तावत्कालंतावत्काल (२.१) for that long a time
वसेत्स्वर्गेवसेत् (√वस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) may dwell in heaven
भर्तारंभर्तृ (२.१) husband
यानुगच्छतियद् (१.१)अनु (अनु√अनु)–अनुगच्छति (√गम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) who follows
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
ति स्रः को ट्यो ऽर्ध को टी
या नि रो मा णि मा नु षे
ता त्का लं से त्स्व र्गे
र्ता रं या नु च्छ ति
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