अन्वयः
AI
ततः दिव्य-अम्बर-धरा दिव्य-आभरण-भूषिता सा कपोतिका विमान-स्थम् स्वम् भर्तारम् ददर्श।
Summary
AI
Clad in celestial garments and divine ornaments, the female pigeon saw her husband seated in a heavenly chariot (vimāna).
सारांश
AI
तब दिव्य वस्त्र और आभूषण धारण किए हुए उस कपोती ने अपने पति को एक दिव्य विमान में स्थित देखा।
पदच्छेदः
AI
| ततो | ततः | then |
| दिव्याम्बर-धरा | दिव्य–अम्बर–धर (१.१) | wearing divine garments |
| दिव्याभरण-भूषिता | दिव्य–आभरण–भूषित (१.१) | adorned with divine ornaments |
| भर्तारं | भर्तृ (२.१) | husband |
| सा | तद् (१.१) | she |
| विमानस्थं | विमान–स्थ (२.१) | situated in a celestial chariot |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | saw |
| स्वं | स्व (२.१) | her own |
| कपोतिका | कपोतिका (१.१) | female pigeon |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | दि | व्या | म्ब | र | ध | रा |
| दि | व्या | भ | र | ण | भू | षि | ता |
| भ | र्ता | रं | सा | वि | मा | न | स्थं |
| द | द | र्श | स्वं | क | पो | ति | का |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.