अन्वयः
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ततः अग्नौ पतितम् तम् कपोतम् दृष्ट्वा भृशम् कृपया पीडितः लुब्धकः एतत् वाक्यम् अभाषत।
Summary
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Witnessing the pigeon fall into the fire, the hunter, overwhelmed by intense compassion, spoke these words.
सारांश
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कपोत को अग्नि में गिरते देख वह शिकारी अत्यंत दया से भर गया और दुखी होकर ये वचन बोला।
पदच्छेदः
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| ततः | ततस् | then |
| तम् | तद् (२.१) | that |
| लुब्धकः | लुब्धक (१.१) | hunter |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश्+क्त्वा) | having seen |
| कृपया | कृपा (३.१) | by compassion |
| पीडितः | पीडित (√पीड्+क्त, १.१) | afflicted |
| भृशम् | भृशम् | greatly |
| कपोतम् | कपोत (२.१) | pigeon |
| अग्नौ | अग्नि (७.१) | in the fire |
| पतितम् | पतित (√पत्+क्त, २.१) | fallen |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) | word/statement |
| एतत् | एतद् (२.१) | this |
| अभाषत | अभाषत (√भाष् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | spoke |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | त | स्तं | लु | ब्ध | को | दृ | ष्ट्वा |
| कृ | प | या | पी | डि | तो | भृ | शम् |
| क | पो | त | म | ग्नौ | प | ति | तं |
| वा | क्य | मे | त | द | भा | ष | त |
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