अन्वयः
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सः गत्वा अङ्गारकम् नीत्वा पावकम् पातयामास, ततः शुष्केषु पर्णेषु तम् आशु समदीपयत्।
Summary
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Going away, he fetched a burning coal and kindled a fire; he quickly ignited it among the dry leaves.
सारांश
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वह एक अंगारा लेकर आया और उससे आग जलाई, फिर सूखे पत्तों में आग लगाकर उसे शीघ्रता से प्रज्वलित कर दिया।
पदच्छेदः
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| सः | तद् (१.१) | he (the pigeon) |
| गत्वा | गत्वा (√गम्+क्त्वा) | having gone |
| अङ्गारकम् | अङ्गारक (२.१) | a burning coal/ember |
| नीत्वा | नीत्वा (√नी+क्त्वा) | having brought |
| पातयामास | पातयामास (√पत् +णिच् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | caused to fall/placed |
| पावकम् | पावक (२.१) | fire |
| ततः | ततस् | then |
| शुष्केषु | शुष्क (७.३) | dry |
| पर्णेषु | पर्ण (७.३) | on leaves |
| तम् | तद् (२.१) | that (fire) |
| आशु | आशु | quickly |
| समदीपयत् | समदीपयत् (सम्√दीप् +णिच् कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | ignited/caused to burn |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | ग | त्वा | ङ्गा | र | कं | नी | त्वा |
| पा | त | या | मा | स | पा | व | कम् |
| त | तः | शु | ष्के | षु | प | र्णे | षु |
| त | मा | शु | स | म | दी | प | यत् |
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