अन्वयः
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तस्य तत् वचनम् श्रुत्वा विहङ्गमम् प्रत्युवाच - कपोत! मे खलु शीतम्, हिम-त्राणम् विधीयताम् ।
Summary
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Hearing those words of his, the hunter replied to the bird: "O kapota, I am indeed cold; please provide protection from the frost."
सारांश
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कबूतर के वचन सुनकर शिकारी ने उत्तर दिया, "हे कबूतर! मुझे बहुत ठंड लग रही है, कृपया पाले से मेरी रक्षा का कोई उपाय करें।"
पदच्छेदः
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| तस्य | तद् (६.१) | his |
| तत्-वचनम् | तत्–वचन (२.१) | that word/speech |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु+क्त्वा) | having heard |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (प्रति√वच् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | replied |
| विहङ्गमम् | विहङ्गम (२.१) | to the bird |
| कपोत | कपोत (८.१) | O pigeon |
| खलु | खलु | indeed |
| शीतम् | शीत (१.१) | cold |
| मे | अस्मद् (६.१) | to me / I have |
| हिम-त्राणम् | हिम–त्राण (१.१) | protection from cold |
| विधीयताम् | विधीयताम् (वि√धा भावकर्मणोः लोट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | let it be done |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्य | त | द्व | च | नं | श्रु | त्वा |
| प्र | त्यु | वा | च | वि | ह | ङ्ग | मम् |
| क | पो | त | ख | लु | शी | तं | मे |
| हि | म | त्रा | णं | वि | धी | य | ताम् |
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