अन्वयः
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एषः शाकुनिकः तव आवासम् समाश्रितः शेते । शीत-आर्तः च क्षुधा-आर्तः च, अस्मै पूजाम् समाचर ।
Summary
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"This bird-catcher lies here, having sought refuge in your dwelling. He is suffering from cold and hunger; perform hospitality toward him."
सारांश
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"यह शिकारी आपके घर का आश्रय लेकर लेटा हुआ है; यह ठंड और भूख से पीड़ित है, अतः आप विधिपूर्वक इसका सत्कार करें।"
पदच्छेदः
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| एष | एतद् (१.१) | this |
| शाकुनिकः | शाकुनिक (१.१) | bird-catcher |
| शेते | शेते (√शी कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | lies down |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| आवासम् | आवास (२.१) | dwelling |
| समाश्रितः | समाश्रित (सम्+आ√श्रि+क्त, १.१) | having taken refuge |
| शीतार्तः | शीत–आर्त (१.१) | distressed by cold |
| च | च | and |
| क्षुधार्तः | क्षुधा–आर्त (१.१) | distressed by hunger |
| च | च | and |
| पूजाम् | पूजा (२.१) | hospitality |
| अस्मै | इदम् (४.१) | to him |
| समाचर | समाचर (सम्+आ√चर् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | perform |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | ष | शा | कु | नि | कः | शे | ते |
| त | वा | वा | सं | स | मा | श्रि | तः |
| शी | ता | र्त | श्च | क्षु | धा | र्त | श्च |
| पू | जा | म | स्मै | स | मा | च | र |
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