अन्वयः
AI
ततः त्रस्त-हृदयः मुहुः मुहुः कम्पमानः सः परित्राणम् अन्वेषयन् वनस्पतिम् आससाद ।
Summary
AI
Then, with a terrified heart and trembling repeatedly while seeking protection, he reached a large tree.
सारांश
AI
तब वह डरा हुआ शिकारी, बार-बार कांपते हुए और अपनी रक्षा का उपाय ढूंढते हुए, एक विशाल वृक्ष के पास पहुँचा।
पदच्छेदः
AI
| ततः | ततः | then |
| सः | तद् (१.१) | he |
| त्रस्त-हृदयः | त्रस्त (√त्रस्+क्त)–हृदय (१.१) | with a frightened heart |
| कम्पमानः | कम्पमान (√कम्प्+शानच्, १.१) | trembling |
| मुहुः | मुहुस् | again |
| मुहुः | मुहुस् | and again |
| अन्वेषयन् | अन्वेषयत् (अनु√इष्+णिच्+शतृ, १.१) | searching for |
| परित्राणम् | परित्राण (२.१) | shelter |
| आससाद | आससाद (आ√सद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | approached |
| वनस्पतिम् | वनस्पति (२.१) | a large tree |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तः | स | त्र | स्त | हृ | द | यः |
| क | म्प | मा | नो | मु | हु | र्मु | हुः |
| अ | न्वे | ष | य | न्प | रि | त्रा | ण |
| मा | स | सा | द | व | न | स्प | तिम् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.