अन्वयः
AI
कश्चित् क्षुद्र-समाचारः प्राणिनाम् काल-सन्निभः घोरः शकुनि-लुब्धकः महा-अरण्ये विचचार ।
Summary
AI
A certain cruel bird-catcher of vile conduct, who was like Kāla (Death) itself to living beings, wandered in a great forest.
सारांश
AI
साक्षात् काल के समान भयंकर आचरण वाला एक बहेलिया पक्षियों को पकड़ने के लिए विशाल वन में भटक रहा था।
पदच्छेदः
AI
| कश्चित् | कश्चित् | a certain |
| क्षुद्र-समाचारः | क्षुद्र–समाचार (१.१) | of cruel conduct |
| प्राणिनाम् | प्राणिन् (६.३) | for living beings |
| काल-सन्निभः | काल–सन्निभ (१.१) | like Death |
| विचचार | विचचार (वि√चर् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | roamed |
| महा-अरण्ये | महत्–अरण्य (७.१) | in a great forest |
| घोरः | घोर (१.१) | terrible |
| शकुनि-लुब्धकः | शकुनि–लुब्धक (१.१) | bird-catcher |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| क | श्चि | द्क्षु | द्र | स | मा | चा | रः |
| प्रा | णि | नां | का | ल | स | न्नि | भः |
| वि | च | चा | र | म | हा | र | ण्ये |
| घो | रः | श | कु | नि | लु | ब्ध | कः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.