अन्वयः
AI
यः नरः मानात् वा यदि वा लोभात् क्रोधात् वा यदि वा भयात् न्यायम् अन्यथा ब्रूते, सः नरकम् याति ।
Summary
AI
A man who speaks untruthfully about justice, whether out of pride, greed, anger, or fear, goes to hell.
सारांश
AI
जो व्यक्ति मान, लोभ, क्रोध या भय के वशीभूत होकर न्याय के विरुद्ध असत्य वचन कहता है, वह निश्चित ही नरक जाता है।
पदच्छेदः
AI
| मानात् | मान (५.१) | from pride |
| वा | वा | or |
| यदि | यदि | if |
| वा | वा | or |
| लोभात् | लोभ (५.१) | from greed |
| क्रोधात् | क्रोध (५.१) | from anger |
| वा | वा | or |
| यदि | यदि | if |
| वा | वा | or |
| भयात् | भय (५.१) | from fear |
| यः | यद् (१.१) | who |
| न्यायम् | न्याय (२.१) | justice |
| अन्यथा | अन्यथा | otherwise/falsely |
| ब्रूते | ब्रूते (√ब्रू कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | speaks |
| सः | तद् (१.१) | he |
| याति | याति (√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | goes |
| नरकम् | नरक (२.१) | to hell |
| नरः | नर (१.१) | man |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मा | ना | द्वा | य | दि | वा | लो | भा |
| त्क्रो | धा | द्वा | य | दि | वा | भ | यात् |
| यो | न्या | य | म | न्य | था | ब्रू | ते |
| स | या | ति | न | र | कं | न | रः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.