वाञ्छैव सूचयति पूर्वतरं भविष्यं
पुंसां यदन्यतनुजं त्वशुभं शुभं वा ।
विज्ञायते शिशुरजातकलापचिह्नः
प्रत्युद्गतैरपसरन्सरलः कलापी ॥

अन्वयः AI पुंसां यत् अन्य-तनु-जम् तु अशुभं शुभं वा भविष्यं वाञ्छा एव पूर्वतरं सूचयति यथा अजात-कलाप-चिह्नः शिशुः कलापी प्रत्युद्गतैः अपसरन् सरलः विज्ञायते ।
Summary AI A person's desires indicate their future fortune or misfortune resulting from previous lives, just as a young peacock, though lacking full plumage, is identified by its upright posture and movements.
सारांश AI मनुष्य की इच्छाएँ ही उसके भावी शुभ-अशुभ का संकेत दे देती हैं, जैसे मयूर के बच्चे की चाल से ही उसके भावी सौंदर्य और पंखों का अनुमान हो जाता है।
पदच्छेदः AI
वाञ्छावाञ्छा (१.१) desire
एवएव itself
सूचयतिसूचयति (√सूच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) indicates
पूर्वतरम्पूर्वतर beforehand
भविष्यम्भविष्य (२.१) future
पुंसाम्पुंस् (६.३) of men
यत्यद् (१.१) which
अन्य-तनुजम्अन्यतनुज (१.१) born of another body
तुतु indeed
अशुभम्अशुभ (१.१) bad
शुभम्शुभ (१.१) good
वावा or
विज्ञायतेविज्ञायते (वि√ज्ञा भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) is known
शिशुःशिशु (१.१) a chick
अजात-कलाप-चिह्नःअजातकलापचिह्न (१.१) without peacock-tail marks
प्रत्युद्गतैःप्रत्युद्गत (३.३) by those who have come forth
अपसरन्अपसरत् (अप√सृ+शतृ, १.१) moving away
सरलःसरल (१.१) simply
कलापीकलापिन् (१.१) a peacock
छन्दः वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११ १२ १३ १४
वा ञ्छै सू ति पू र्व रं वि ष्यं
पुं सां न्य नु जं त्व शु भं शु भं वा
वि ज्ञा ते शि शु जा ला चि ह्नः
प्र त्यु द्ग तै न्स लः ला पी
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