अकृतेऽप्युद्यमे पुंसामन्यजन्मकृतं फलम् ।
शुभाशुभं समभ्येति विधिना संनियोजितम् ॥

अन्वयः AI पुंसाम् उद्यमे अकृते अपि विधिना संनियोजितम् अन्य-जन्म-कृतं शुभाशुभं फलम् समभ्येति ।
Summary AI Even if no effort is made, the good or bad results of actions performed in a previous birth reach a man, ordained by destiny (vidhi).
सारांश AI पुरुषों द्वारा प्रयत्न न करने पर भी, पिछले जन्मों के शुभ-अशुभ कर्मों का फल भाग्य द्वारा नियत होकर स्वयं उनके पास पहुँच जाता है।
पदच्छेदः AI
अकृतेअकृत (७.१) without
अपिअपि even
उद्यमेउद्यम (७.१) effort
पुंसाम्पुंस् (६.३) of men
अन्य-जन्म-कृतम्अन्यजन्मकृत (१.१) done in another birth
फलम्फल (१.१) result
शुभाशुभम्शुभअशुभ (१.१) good and bad
समभ्येतिसमभ्येति (सम्+अभि√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) comes to
विधिनाविधि (३.१) by destiny
संनियोजितम्संनियोजित (सम्√नियोज्+क्त, १.१) ordained
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
कृ ते ऽप्यु द्य मे पुं सा
न्य न्म कृ तं लम्
शु भा शु भं भ्ये ति
वि धि ना सं नि यो जि तम्
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