अन्वयः
AI
सर्व-जन्तूनाम् चित्त-उत्साहः प्रथमम् सिद्धिम् वा यदि वा अ-सिद्धिम् निवेदयेत्, प्राज्ञः वेत्ति इतरः न च।
Summary
AI
The enthusiasm of the mind first indicates success or failure for all beings; the wise man recognizes this, while others do not.
सारांश
AI
कार्य सफल होगा या नहीं, इसका संकेत मन के उत्साह से पहले ही मिल जाता है। इसे केवल बुद्धिमान ही पहचान पाते हैं।
पदच्छेदः
AI
| सिद्धिं | सिद्धि (२.१) | undefined |
| वा | वा | undefined |
| यदि | यदि | undefined |
| वासिद्धिं | असिद्धि (२.१) | or failure |
| चित्तोत्साहो | चित्त–उत्साह (१.१) | enthusiasm of the mind |
| निवेदयेत् | निवेदयेत् (√निविद् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | undefined |
| प्रथमं | प्रथम (२.१) | undefined |
| सर्व-जन्तूनां | सर्व–जन्तु (६.३) | of all beings |
| प्राज्ञो | प्राज्ञ (१.१) | undefined |
| वेत्ति | वेत्ति (√विद् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | undefined |
| न | न | undefined |
| चेतरः | च–इतर (१.१) | and not the other |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सि | द्धिं | वा | य | दि | वा | सि | द्धिं |
| चि | त्तो | त्सा | हो | नि | वे | द | येत् |
| प्र | थ | मं | स | र्व | ज | न्तू | नां |
| प्रा | ज्ञो | वे | त्ति | न | चे | त | रः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.