दयितजनविप्रयोगो वित्तवियोगश्च सह्याः स्युः ।
यदि सुमहौषधकल्पो वयस्यजनसंगमो न स्यात् ॥

अन्वयः AI यदि सु-महा-ओषध-कल्पः वयस्य-जन-संगमः न स्यात्, दयित-जन-विप्रयोगः वित्त-वियोगः च सह्याः स्युः।
Summary AI Separation from loved ones and the loss of wealth would be bearable if the meeting with friends, which is like a great medicine, did not exist.
सारांश AI प्रियजनों और धन का वियोग सहनीय हो सकता है, यदि औषधि के समान मित्रों का साथ प्राप्त हो।
पदच्छेदः AI
दयित-जन-विप्रयोगःदयितजनविप्रयोग (१.१) separation from beloved people
वित्त-वियोगःवित्तवियोग (१.१) loss of wealth
and
सह्याःसह् (+ण्यत्, १.३) bearable
स्युःस्युः (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) would be
यदियदि if
सुमहौषध-कल्पःसुमहत्औषधकल्प (१.१) like a great medicine
वयस्य-जन-संगमःवयस्यजनसंगम (१.१) company of friends
not
स्यात्स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) would be
छन्दः उपगीतिः []
छन्दोविश्लेषणम्
१०
यि वि प्र यो गो
वि त्त वि यो श्च ह्याः स्युः
दि सु हौ ल्पो
स्य सं मो स्यात्
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