अन्वयः
AI
प्राक्तनं कर्म शयानेन सह शेते, गच्छन्तम् अनुगच्छति, नराणां प्राक्तनं कर्म तु आत्मना सह तिष्ठति ।
Summary
AI
Past deeds sleep with the one who sleeps and follow the one who walks; the former actions of men always remain inseparable from their own self.
सारांश
AI
मनुष्य के पूर्वकृत कर्म सोने वाले के साथ सोते हैं, चलने वाले के पीछे चलते हैं और सदा आत्मा के साथ ही रहते हैं।
पदच्छेदः
AI
| शेते | शेते (√शी कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | sleeps |
| सह | सह | with |
| शयानेन | शयान (√शी+शानच्, ३.१) | the one sleeping |
| गच्छन्तम् | गच्छत् (√गम्+शतृ, २.१) | the one going |
| अनुगच्छति | अनुगच्छति (अनु√गम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | follows |
| नराणाम् | नर (६.३) | of men |
| प्राक्तनम् | प्राक्तन (१.१) | past |
| कर्म | कर्मन् (१.१) | action |
| तिष्ठति | तिष्ठति (√स्था कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | remains |
| तु | तु | indeed |
| सह | सह | with |
| आत्मना | आत्मन् (३.१) | the self |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शे | ते | स | ह | श | या | ने | न |
| ग | च्छ | न्त | म | नु | ग | च्छ | ति |
| न | रा | णां | प्रा | क्त | नं | क | र्म |
| ति | ष्ठ | ति | तु | स | हा | त्म | ना |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.