अन्वयः
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शौच-अवशिष्टया मृदा अपि क्वचित् किञ्चित् कार्यम् अस्ति निर्धनेन जनेन तु किञ्चित् प्रयोजनम् न एव ।
Summary
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There is some use for the mud left over after purification, but there is absolutely no purpose served by a man who is destitute.
सारांश
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शौच के पश्चात बची हुई मिट्टी का भी कहीं न कहीं कुछ उपयोग हो जाता है, किंतु निर्धन व्यक्ति से किसी का कोई भी प्रयोजन सिद्ध नहीं होता।
पदच्छेदः
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| शौच-अवशिष्टया | शौच–अवशिष्ट (३.१) | by earth remaining after purification |
| अपि | अपि | even |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is |
| किञ्चित् | किञ्चित् | something |
| कार्यं | कार्य (१.१) | use |
| क्वचित् | क्वचित् | sometimes |
| मृदा | मृद् (३.१) | by earth |
| निर्धनेन | निर्धन (३.१) | by a poor |
| जनेन | जन (३.१) | person |
| एव | एव | only |
| न | न | not |
| तु | तु | but |
| किञ्चित् | किञ्चित् | any |
| प्रयोजनम् | प्रयोजन (१.१) | purpose |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शौ | चा | व | शि | ष्ट | या | प्य | स्ति |
| कि | ञ्चि | त्का | र्यं | क्व | चि | न्मृ | दा |
| नि | र्ध | ने | न | ज | ने | नै | व |
| न | तु | कि | ञ्चि | त्प्र | यो | ज | नम् |
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