अन्वयः
AI
यः राज्ञः दुष्करम् उत्तमम् हितम् सुकृतम् कृत्वा लज्जया किञ्चित् न वक्ति तेन राजा सहाय-वान् ॥
Summary
AI
A king is truly well-supported by a servant who performs difficult and highly beneficial deeds for him but says nothing about them out of modesty.
सारांश
AI
राजा के लिए अत्यंत कठिन और उत्तम भलाई का कार्य करके भी जो सेवक लज्जावश स्वयं कुछ नहीं कहता, वही राजा का सच्चा सहायक होता है।
पदच्छेदः
AI
| यः | यद् (१.१) | who |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ+क्त्वा) | having done |
| सुकृतम् | सु–कृत (२.१) | good deed |
| राज्ञः | राजन् (६.१) | of the king |
| दुष्करम् | दुस्–कर (२.१) | difficult |
| हितम् | हित (२.१) | beneficial |
| उत्तमम् | उत्तम (२.१) | excellent |
| लज्जया | लज्जा (३.१) | by shame |
| वक्ति | वक्ति (√वच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | speaks |
| नो | नो | not |
| किञ्चित् | किञ्चित् | anything |
| तेन | तद् (३.१) | by him |
| राजा | राजन् (१.१) | king |
| सहायवान् | सहायवत् (१.१) | supported |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| यः | कृ | त्वा | सु | कृ | तं | रा | ज्ञो |
| दु | ष्क | रं | हि | त | मु | त्त | मम् |
| ल | ज्ज | या | व | क्ति | नो | कि | ञ्चि |
| त्ते | न | रा | जा | स | हा | य | वान् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.