अन्वयः
AI
राजानः भुजगाः इव द्वि-जिह्वाः क्रूर-कर्माणः अनिष्ठाः छिद्र-ानुसारिणः हि दूरतः अपि पश्यन्ति ।
Summary
AI
Kings, like serpents, are double-tongued, cruel in their deeds, untrustworthy, and seekers of flaws; they indeed perceive everything even from a distance.
सारांश
AI
राजा सर्पों की तरह दोहरी बातें करने वाले, क्रूर कर्म करने वाले और दूसरों की कमियाँ खोजने वाले होते हैं, जो दूर से ही सब देख लेते हैं।
पदच्छेदः
AI
| द्वि-जिह्वाः | द्वि–जिह्व (१.३) | two-tongued (deceitful) |
| क्रूर-कर्माणोऽनिष्ठाश्छिद्रानुसारिणः | क्रूर–कर्मन् (१.३)–अनिष्ट (१.३)–छिद्र–अनुसारिन् (१.३) | cruel-acting, undesirable, seeking weaknesses |
| दूरतोऽपि | दूरतः–अपि | even from afar |
| हि | हि | indeed |
| पश्यन्ति | पश्यन्ति (√दृश् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they see |
| राजानो | राजन् (१.३) | kings |
| भुजगा | भुजग (१.३) | serpents |
| इव | इव | like |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| द्वि | जि | ह्वाः | क्रू | र | क | र्मा | णो |
| ऽनि | ष्ठा | श्छि | द्रा | नु | सा | रि | णः |
| दू | र | तो | ऽपि | हि | प | श्य | न्ति |
| रा | जा | नो | भु | ज | गा | इ | व |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.