जीवेति प्रब्रुवन्प्रोक्तः कृत्याकृत्यविचक्षणः ।
करोति निर्विकल्पं यः स भवेद्राजवल्लभः ॥

अन्वयः AI प्रोक्तः सन् जीवेति प्रब्रुवन् कृत्य-अकृत्य-विचक्षणः यः निर्विकल्पम् करोति सः राज-वल्लभः भवेत्।
Summary AI He who, when addressed, says "May you live long," is discerning of what should and should not be done, and acts without hesitation, becomes a favorite of the king.
सारांश AI जो सेवक राजा द्वारा बुलाए जाने पर 'दीर्घायु हों' कहते हुए उपस्थित हो और उचित-अनुचित का विचार कर बिना किसी संकोच के आज्ञा का पालन करे, वही राजा का प्रिय होता है।
पदच्छेदः AI
जीवजीव (√जीव् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) undefined
इतिइति undefined
प्रब्रुवन्प्रब्रुवत् (प्र√ब्रू+शतृ, १.१) undefined
प्रोक्तःप्रोक्त (प्र√वच्+क्त, १.१) undefined
कृत्याकृत्यविचक्षणःकृत्यअकृत्यविचक्षण (१.१) undefined
करोतिकरोति (√कृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) undefined
निर्विकल्पंनिर्विकल्प (२.१) undefined
यःयद् (१.१) undefined
तद् (१.१) undefined
भवेत्भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) undefined
राजवल्लभःराजवल्लभ (१.१) undefined
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
जी वे ति प्र ब्रु न्प्रो क्तः
कृ त्या कृ त्य वि क्ष णः
रो ति नि र्वि ल्पं यः
वे द्रा ल्ल भः
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