अन्वयः
AI
राज-मातरि देव्याम् च कुमारे मुख्य-मन्त्रिणि पुरोहिते प्रतीहारे च सदा राज-वत् वर्तेत।
Summary
AI
One should always behave towards the king's mother, the queen, the prince, the prime minister, the priest, and the doorkeeper as if they were the king himself.
सारांश
AI
राजमाता, रानी, राजकुमार, मुख्य मंत्री, पुरोहित और द्वारपाल के प्रति सदा वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा राजा के प्रति किया जाता है।
पदच्छेदः
AI
| राजमातरि | राज–मातृ (७.१) | undefined |
| देव्यां | देवी (७.१) | undefined |
| च | च | undefined |
| कुमारे | कुमार (७.१) | undefined |
| मुख्यमन्त्रिणि | मुख्य–मन्त्रिन् (७.१) | undefined |
| पुरोहिते | पुरोहित (७.१) | undefined |
| प्रतीहारे | प्रतीहार (७.१) | undefined |
| सदा | सदा | undefined |
| वर्तेत | वर्तेत (√वृत् कर्तरि विधिलिङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | undefined |
| राजवत् | राजवत् | undefined |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रा | ज | मा | त | रि | दे | व्यां | च |
| कु | मा | रे | मु | ख्य | म | न्त्रि | णि |
| पु | रो | हि | ते | प्र | ती | हा | रे |
| स | दा | व | र्ते | त | रा | ज | वत् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.