अन्वयः
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अकृत-उपद्रवः कश्चित् महान् अपि न पूज्यते नराः नागान् पूजयन्ति नाग-घातिनम् तार्क्ष्यं न ॥
Summary
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One who does not cause trouble, even if great, is not worshipped. People worship serpents but not Tārkṣya, the destroyer of serpents.
सारांश
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जो उपद्रव या भय उत्पन्न नहीं करता, महान होने पर भी उसकी पूजा नहीं होती। लोग नागों की पूजा करते हैं, किंतु नागों का विनाश करने वाले गरुड़ की नहीं।
पदच्छेदः
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| अकृतोपद्रवः | अकृत–उपद्रव (१.१) | one who has not caused trouble |
| कश्चित् | कश्चित् (१.१) | someone |
| महान् | महत् (१.१) | great |
| अपि | अपि | also |
| न | न | not |
| पूज्यते | पूज्यते (√पूज् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is worshipped |
| पूजयन्ति | पूजयन्ति (√पूज् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | worship |
| नराः | नर (१.३) | people |
| नागान् | नाग (२.३) | serpents |
| न | न | not |
| तार्क्ष्यम् | तार्क्ष्य (२.१) | Garuda |
| नाग-घातिनम् | नाग–घातिन् (२.१) | serpent-killer |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | कृ | तो | प | द्र | वः | क | श्चि |
| न्म | हा | न | पि | न | पू | ज्य | ते |
| पू | ज | य | न्ति | न | रा | ना | गा |
| न्न | ता | र्क्ष्यं | ना | ग | घा | ति | नम् |
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