अन्वयः
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प्राज्ञः कस्यचित् स्वल्पम् अपि वित्तम् न दर्शयेत्, अहो यतः तस्य दर्शनात् मुनेः अपि मनः चलते ।
Summary
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A wise man should not display even a small amount of wealth to anyone. Alas! Even a sage's mind wavers upon seeing it.
सारांश
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बुद्धिमान व्यक्ति को अपना थोड़ा सा भी धन किसी को नहीं दिखाना चाहिए, क्योंकि धन को देखकर मुनियों का मन भी विचलित हो जाता है।
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| वित्तम् | वित्त (२.१) | wealth |
| दर्शयेत् | दर्शयेत् (प्र√दृश् +णिच् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | should show |
| प्राज्ञः | प्राज्ञ (१.१) | a wise person |
| कस्यचित् | किम् (६.१) | to anyone |
| स्वल्पम् | स्व–अल्प (२.१) | even a little |
| अपि | अपि | even |
| अहो | अहो | oh! |
| मुनेः | मुनि (६.१) | of a sage |
| अपि | अपि | even |
| यतः | यतस् | because |
| तस्य | तद् (६.१) | its (of wealth) |
| दर्शनात् | दर्शन (५.१) | from seeing |
| चलते | चलते (√चल् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | wavers/moves |
| मनः | मनस् (१.१) | mind |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | वि | त्तं | द | र्श | ये | त्प्रा | ज्ञः |
| क | स्य | चि | त्स्व | ल्प | म | प्य | हो |
| मु | ने | र | पि | य | त | स्त | स्य |
| द | र्श | ना | च्च | ल | ते | म | नः |
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