अन्वयः
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सूची-मुखि! दुराचारा रण्डा पण्डित-वादिनी प्रजल्पन्ती न आशङ्कते, तत् किम् एनाम् अहम् न हन्मि?
Summary
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The monkey replied: "O Sūcīmukhi! You wretched, ill-behaved creature, speaking like a scholar! You chatter without fear. Why should I not kill you?"
सारांश
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बंदर ने सोचा कि यह तुच्छ और वाचाल पक्षी मुझे उपदेश देने का साहस कर रही है, क्यों न मैं इसे मार डालूँ? मूर्ख को हितकारी वचन भी चुभते हैं।
पदच्छेदः
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| सूची-मुखि | सूची–मुखि (८.१) | O needle-mouthed one! |
| दुराचारा | दुराचार (१.१) | ill-behaved |
| रण्डा | रण्डा (१.१) | widow |
| पण्डित-वादिनी | पण्डित–वादिन् (१.१) | speaking like a scholar |
| न | न | not |
| आशङ्कते | आशङ्कते (आ√शङ्क् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | fears/hesitates |
| प्रजल्पन्ती | प्रजल्पत् (प्र√जल्प्+शतृ, १.१) | chattering/speaking |
| तत् | तद् | therefore |
| किम् | किम् | why |
| एनाम् | एतद् (२.१) | her |
| न | न | not |
| हन्मि | हन्मि (√हन् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I kill |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सू | ची | मु | खि | दु | रा | चा | रा |
| र | ण्डा | प | ण्डि | त | वा | दि | नी |
| ना | श | ङ्क | ते | प्र | ज | ल्प | न्ती |
| त | त्कि | मे | नां | न | ह | न्म्य | हम् |
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