राजानमेव संश्रित्य विद्वान्याति परां गतिम् ।
विना मलयमन्यत्र चन्दनं न प्ररोहति ॥

अन्वयः AI विद्वान् राजानम् एव संश्रित्य पराम् गतिम् याति। मलयम् विना अन्यत्र चन्दनम् न प्ररोहति।
Summary AI A wise man attains the highest success only by resorting to a king. Sandalwood does not grow anywhere else except on the Malaya mountain.
सारांश AI जिस प्रकार चंदन का वृक्ष मलय पर्वत के अतिरिक्त कहीं और नहीं उगता, उसी प्रकार एक विद्वान व्यक्ति राजा का आश्रय लेकर ही परम गति और उन्नति प्राप्त करता है।
पदच्छेदः AI
राजानमेवराजन् (२.१) the king
संश्रित्यसंश्रित्य (सम्√श्रि+ल्यप्) having resorted to
विद्वान्विद्वस् (१.१) a learned person
यातियाति (√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) attains
परांपर (२.१) highest
गतिम्गति (२.१) state
विनाविना without
मलयमन्यत्रमलय (२.१) Malaya mountain
चन्दनंचन्दन (१.१) sandalwood
not
प्ररोहतिप्ररोहति (प्र√रुह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) grows
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
रा जा मे सं श्रि त्य
वि द्वा न्या ति रां तिम्
वि ना न्य त्र
न्द नं प्र रो ति
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