अन्वयः
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पण्डितः पुत्र-कलत्रैः वा अपि प्राणान् रक्षेत, यतः तैः विद्यमानैः देहिनाम् सर्वं भूयः अपि स्यात्।
Summary
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A wise person should protect their life even at the expense of children or wife, for as long as life exists, everything else can be regained by living beings.
सारांश
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विद्वान को पत्नी और पुत्रों का त्याग करके भी प्राण बचाने चाहिए, क्योंकि जीवित रहने पर मनुष्य सब कुछ पुनः प्राप्त कर सकता है।
पदच्छेदः
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| अपि | अपि | even |
| पुत्रकलत्रैः | पुत्र–कलत्र (३.३) | with sons and wives |
| वा | वा | or |
| प्राणान् | प्राण (२.३) | lives |
| रक्षेत | रक्षेत (√रक्ष् कर्तरि विधिलिङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | should protect |
| पण्डितः | पण्डित (१.१) | a wise person |
| विद्यमानैः | विद्यमान (√विद्+शानच्, ३.३) | existing |
| यतः | यतः | because |
| तैः | तद् (३.३) | by them |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may be |
| सर्वम् | सर्व (१.१) | all |
| भूयः | भूयस् | again |
| अपि | अपि | also |
| देहिनाम् | देहिन् (६.३) | of embodied beings |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | पि | पु | त्र | क | ल | त्रै | र्वा |
| प्रा | णा | न्र | क्षे | त | प | ण्डि | तः |
| वि | द्य | मा | नै | र्य | त | स्तैः | स्या |
| त्स | र्वं | भू | यो | ऽपि | दे | हि | नाम् |
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