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येन स्याल्लघुता वाथ पीडा चित्ते प्रभोः क्वचित् ।
प्राणत्यागेऽपि तत्कर्म न कुर्यात्कुलसेवकः ॥

अन्वयः AI येन प्रभोः चित्ते क्वचित् लघुता वा अथ पीडा स्यात्, कुल-सेवकः प्राण-त्यागे अपि तत् कर्म न कुर्यात् ।
Summary AI A noble servant should never perform an action that might cause their master to feel belittled or distressed, even if it requires sacrificing their life.
सारांश AI जिस कर्म से स्वामी का अपमान हो या उसके मन को ठेस पहुंचे, कुलवान सेवक को अपने प्राण त्याग कर भी ऐसा कार्य कभी नहीं करना चाहिए।
पदच्छेदः AI
येनयद् (३.१) by which
स्यात्स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) may be
लघुतालघुता (१.१) humiliation
वावा or
अथअथ and
पीडापीडा (१.१) distress
चित्तेचित्त (७.१) in the mind
प्रभोःप्रभु (६.१) of the master
क्वचित्क्वचित् sometimes
प्राणत्यागेप्राणत्याग (७.१) at the cost of life
अपिअपि even
तत्तद् (२.१) that
कर्मकर्मन् (२.१) action
not
कुर्यात्कुर्यात् (√कृ कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) should do
कुलसेवकःकुलसेवक (१.१) a loyal servant
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
ये स्या ल्ल घु ता वा
पी डा चि त्ते प्र भोः क्व चित्
प्रा त्या गे ऽपि त्क र्म
कु र्या त्कु से कः
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