दमक आह- मा मैवं वद ।
अप्रधानः प्रधानः स्यात्सेवते यदि पार्थिवम् ।
प्रधानोऽप्यप्रधानः स्याद्यदि सेवा-विवर्जितः ॥
दमक आह- मा मैवं वद ।
अप्रधानः प्रधानः स्यात्सेवते यदि पार्थिवम् ।
प्रधानोऽप्यप्रधानः स्याद्यदि सेवा-विवर्जितः ॥
अप्रधानः प्रधानः स्यात्सेवते यदि पार्थिवम् ।
प्रधानोऽप्यप्रधानः स्याद्यदि सेवा-विवर्जितः ॥
अन्वयः
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दमकः आह - मा मा एवं वद। यदि पार्थिवं सेवते अप्रधानः प्रधानः स्यात्। यदि सेवा-विवर्जितः प्रधानः अपि अप्रधानः स्यात्।
Summary
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Damaka said, "Do not speak so. An insignificant person becomes significant by serving a king, while a significant one becomes insignificant without such service."
सारांश
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राजा की सेवा करने से साधारण व्यक्ति भी महत्वपूर्ण बन जाता है, और सेवा के अभाव में प्रभावशाली व्यक्ति भी महत्वहीन हो जाता है।
पदच्छेदः
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| दमकः | दमक (१.१) | Damaka |
| आह | आह (√ब्रू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | said |
| मा | मा | do not |
| मा | मा | indeed |
| एवम् | एवम् | thus |
| वद | वद (√वद् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | speak |
| अप्रधानः | अ–प्रधान (१.१) | insignificant |
| प्रधानः | प्रधान (१.१) | important |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may be |
| सेवते | सेवते (√सेव् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | serves |
| यदि | यदि | if |
| पार्थिवम् | पार्थिव (२.१) | the king |
| प्रधानः | प्रधान (१.१) | important |
| अपि | अपि | even |
| अप्रधानः | अ–प्रधान (१.१) | insignificant |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may be |
| यदि | यदि | if |
| सेवा-विवर्जितः | सेवा–विवर्जित (१.१) | devoid of service |
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