अन्वयः
AI
अशुद्ध-प्रकृतौ राज्ञि जनता न अनुरज्यते यथा गृध्र-समासन्नः कलहंसः समाचरेत्।
Summary
AI
People are not devoted to a king of impure nature or one who surrounds himself with wicked ministers, just as a swan avoids the presence of a vulture.
सारांश
AI
दुष्ट स्वभाव वाले राजा से प्रजा कभी अनुराग नहीं करती। जैसे गीधों के बीच रहने वाला हंस असुरक्षित रहता है, वैसे ही राजा की प्रकृति का प्रभाव जनता पर पड़ता है।
पदच्छेदः
AI
| अ | अ | not |
| शुद्ध | शुद्ध | pure |
| प्रकृतौ | प्रकृति (७.१) | nature |
| राज्ञि | राजन् (७.१) | in a king |
| जनता | जनता (१.१) | people |
| न | न | not |
| अनुरज्यते | अनुरज्यते (अनु√रञ्ज् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is devoted to |
| यथा | यथा | just as |
| गृध्र | गृध्र | vulture |
| समासन्नः | समासन्न (सम्+आ√सद्+क्त, १.१) | near |
| कल | कल | sweet-voiced |
| हंसः | हंस (१.१) | swan |
| समाचरेत् | समाचरेत् (सम्+आ√चर् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | would behave |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | शु | द्ध | प्र | कृ | तौ | रा | ज्ञि |
| ज | न | ता | ना | नु | र | ज्य | ते |
| य | था | गृ | ध्र | स | मा | स | न्नः |
| क | ल | हं | सः | स | मा | च | रेत् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.