यथा बीजाङ्कुरः सूक्ष्मः प्रयत्नेनाभिरक्षितः ।
फलप्रदो भवेत्काले तद्वल्लोकः सुरक्षितः ॥

अन्वयः AI यथा प्रयत्नेन अभिरक्षितः सूक्ष्मः बीज-अङ्कुरः काले फल-प्रदः भवेत् तद्वत् सु-रक्षितः लोकः (भवति) ॥
Summary AI Just as a tiny seed-sprout, when carefully protected with effort, eventually becomes fruitful in due time, so too does a well-protected citizenry yield great benefits.
सारांश AI जैसे यत्नपूर्वक रक्षित नन्हा अंकुर समय आने पर फल देता है, वैसे ही सुरक्षित की गई प्रजा राजा के लिए फलदायी होती है।
पदच्छेदः AI
यथायथा just as
बीजाङ्कुरःबीजअङ्कुर (१.१) seed-sprout
सूक्ष्मःसूक्ष्म (१.१) tiny
प्रयत्नेनप्रयत्न (३.१) with effort
अभिरक्षितःअभिरक्षित (अभि√रक्ष्+क्त, १.१) well-protected
फल-प्रदःफलप्रद (१.१) fruit-giving
भवेत्भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) may become
कालेकाल (७.१) in time
तद्वत्तद्वत् similarly
लोकःलोक (१.१) people/world
सुरक्षितःसुरक्षित (सु√रक्ष्+क्त, १.१) well-protected
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
था बी जा ङ्कु रः सू क्ष्मः
प्र त्ने ना भि क्षि तः
प्र दो वे त्का ले
द्व ल्लो कः सु क्षि तः
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