सर्पयुक्ते गृहे वासो मृत्युरेव न संशयः ।
यद्ग्रामान्ते वसेत्सर्पस्तस्य स्यात्प्राणसंशयः ॥

अन्वयः AI सर्प-युक्ते गृहे वासः मृत्युः एव, संशयः न (अस्ति), यत् ग्राम-अन्ते सर्पः वसेत्, तस्य प्राण-संशयः स्यात्।
Summary AI Living in a house with a snake is nothing but death, without a doubt. If a snake lives at the edge of a village, there is a constant danger to one's life.
सारांश AI सांप वाले घर में रहना निश्चित ही मृत्यु के समान है; यहाँ तक कि यदि गाँव की सीमा पर भी सांप का वास हो, तो प्राण संकट में रहते हैं।
पदच्छेदः AI
सर्प-युक्तेसर्पयुक्त (७.१) snake-infested
गृहेगृह (७.१) in the house
वासःवास (१.१) dwelling
मृत्युःमृत्यु (१.१) death
एवएव indeed, only
not
संशयःसंशय (१.१) doubt
यत्यद् that (where)
ग्रामान्तेग्रामअन्त (७.१) at the end of the village
वसेत्वसेत् (√वस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) should dwell
सर्पःसर्प (१.१) a snake
तस्यतद् (६.१) his (of that village/people)
स्यात्स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) would be
प्राण-संशयःप्राणसंशय (१.१) danger to life, doubt about life
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
र्प यु क्ते गृ हे वा सो
मृ त्यु रे सं यः
द्ग्रा मा न्ते से त्स र्प
स्त स्य स्या त्प्रा सं यः
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